लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में आपका स्वागत है !
आईये हम सब मिलकर हमारे बिहार राज्य को बदलने के लिए एक ऐसे आंदोलन ( बिहार 1st बिहारी 1st ) का हिस्सा बनें जो आपके योगदान को महत्व देता है ! हम एकता की शक्ति, विविधता की ताकत और प्रगति के वादे में विश्वास करते हैं और हमारा दृष्टिकोण न्याय, समानता और सभी के लिए अवसर के सिद्धांतों से प्रेरित है ! बदलाव में आपका स्वागत है !




लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) का इतिहास
लोक जनशक्ति पार्टी का गठन :- पद्म भूषण स्व० रामविलास पासवान 13 अक्टूबर 1999 को बनी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार में दूर संचार विभाग के कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे, उस वक्त वह जनता दल के सांसद थे ! रामविलास पासवान के मन में गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के विकास को लेकर बेचैनी थी ! वह निचले तबके की तरक्की के लिए संघर्षरत थे ! अपनी बात को सरकार तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे थे ! इसके लिए वह चाहते थे कि उनके पास ज्यादा से ज्यादा सांसद और विधायक हों ! दरअसल, रामविलास पासवान जनता दल के लंबे अनुभव से स्पष्ट तौरपर समझ गए थे कि अपने समर्थकों को टिकट मिलने का पावर उनके पास तभी आ सकता है जब उनकी खुद की पार्टी हो ! तब जाकर रामविलास पासवान ने खुद की पार्टी बनाने का फैसला लिया और उन्होंने 28 नवंबर 2000 को अपने नए राजनीतिक दल ‘लोक जनशक्ति पार्टी’ के गठन की घोषणा दिल्ली के रामलीला मैदान से कर दी ! वह दिन रामविलास पासवान समर्थकों के लिए ऐतिहासिक था ! रामलीला मैदान में जबरदस्त भीड़ जुटी थी ! भाव्य जनसभा में भारी भीड़ ने नई पार्टी की घोषणा का स्वागत तालियों की गड़गड़ाहट के साथ किया था ! पासवान के साथ मंच पर जनता दल (संयुक्त) के अन्य सांसदों में जयनारायण निषाद, रमेश जिगजिगानी और रामचंद्र पासवान थे ! रमेश जिगजिगानी कर्नाटक से थे, जबकि बाकी सारे सांसद बिहार के ही थे ! इनके अलावा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल गफूर, दिल्ली के विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी, रामाकिशोर सिंह, कैप्टन भोपाल सिंह भी मौजूद थे ! अपने अध्यक्षीय भाषण में रामविलास पासवान ने मंच से पार्टी की सैद्धांतिक आधार को स्पष्ट कर दिया ! उन्होंने कहा कि ‘लोक जनशक्ति पार्टी का मूल सिद्धांत ‘सामाजिक न्याय’ होगा और यह पार्टी देश की उस आबादी के लिए प्रतिबद्ध होगी, जो समाज की अंतिम सीढ़ी पर बैठा है ! जो गरीब, पिछड़े, दबे कुचले हैं उन्हें यह पार्टी उनका सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकार दिलाने के लिए काम करेगी ! यह गरीब तबका किसी भी धर्म का हो, किसी भी जाति का हो, किसी भी पेशे, व्यवसाय, आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा हो !
इसी के साथ उन्होंने नारा दिया,“हम उस घर में दिया जलाने चले हैं, जिस घर में सदियों से अंधेरा है “ ! Read More…
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के संस्थापक
रामविलास पासवान [ 5 जुलाई 1946 – 8 अक्टूबर 2020 ]
देश के कद्दावर राजनेता पद्म भूषण स्व० रामविलास पासवान जी का जन्म बिहार के खगड़िया जिले में स्थित शहरबन्नी गांव में अनुसूचित जाति के दंपति श्री जामुन पासवान और श्रीमती शांति देवी के घर 5 जुलाई 1946 को हुआ था ! रामविलास पासवान की राजनीतिक यात्रा 1969 से शुरु हुई ! अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत के बारे में रामविलास पासवान अक्सर जिक्र किया करते थे, उन्होंने बताया था कि साल 1969 में मेरा पुलिस और विधानसभा, दोनों में एक साथ सेलेक्शन हुआ ! तब मेरे एक मित्र ने पूछा कि बताओ सरकार बनना है या सर्वेंट ? तब मैंने राजनीति चुन ली !
उसके बाद राजनीतिक जीवन संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य बने और अलौली,विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से 1969 में बिहार विधानसभा के लिए चुने गए ! इसके बाद 1974 में लोकदल के गठन के बाद उसमें शामिल हुए और वे महासचिव बनाए गए ! वे मोरारजी देसाई से अलग हो गए और जनता पार्टी (एस) में लोकबंधु राज नारायण के नेतृत्व में पार्टी के अध्यक्ष और बाद में इसके चेयरमैन के रूप में जुड़े रहे ! 1975 में, जब भारत में आपातकाल की घोषणा की गई, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन्होंने पूरा समय जेल में बिताया Read More…
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